कीव/नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2026
यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध अब युद्धक्षेत्र से निकलकर ‘साइबर स्पेस’ और ‘सीक्रेट ऑपरेशंस’ के एक बेहद पेचीदा दौर में प्रवेश कर चुका है। एक तरफ जहाँ यूक्रेन के ड्रोन रूस के सुदूर इलाकों में आग बरसा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कीव की सत्ता के गलियारों में छिपे “अपनों” के धोखे और लीक हुई बातचीत ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रूस के ‘दिल’ में यूक्रेन का ड्रोन धमाका
बुधवार को यूक्रेन ने अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता का लोहा मनवाते हुए रूस के पर्म (Perm) क्षेत्र में एक बड़े तेल संयंत्र को निशाना बनाया।
- दूरी का नया रिकॉर्ड: यह हमला यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,500 किलोमीटर दूर यूराल पर्वत श्रृंखला के पास हुआ।
- रणनीतिक चोट: स्थानीय प्रशासन और रूसी मीडिया के अनुसार, इस ड्रोन हमले के बाद एक पंपिंग स्टेशन और तेल भंडारण परिसर में भीषण आग लग गई।
- जेलेंस्की का स्टैंड: राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस हमले को जायज ठहराते हुए कहा कि यह रूस की उस आर्थिक मशीनरी पर प्रहार है जो युद्ध को फंड करती है।
मिंडिच की ‘लीक’ ऑडियो: जेलेंस्की के लिए अंदरूनी खतरा
युद्ध के मोर्चे पर मिल रही कामयाबी के बीच, जेलेंस्की के बेहद करीबी सहयोगी मिंडिच की एक निजी बातचीत लीक होने से हड़कंप मच गया है। पूर्व जासूस लकी बिष्ट द्वारा सार्वजनिक किए गए दावों ने कीव के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।
- स्वीकारोक्ति: लीक हुई ऑडियो में मिंडिच को यह कहते सुना गया है कि खुद राष्ट्रपति भी यह मान रहे हैं कि “हालात अब बहुत बुरी तरह उलझ चुके हैं।”
- कूटनीतिक दरार: इस बातचीत में यूक्रेन के इजरायल के साथ बिगड़ते रिश्तों और आंतरिक प्रशासनिक संकट का भी जिक्र है।
क्या यूक्रेन के लिए शुरू हुआ ‘काउंटी-डाउन’?
विशेषज्ञों का मानना है कि जेलेंस्की इस समय एक ‘अदृश्य युद्ध’ भी लड़ रहे हैं। भ्रष्टाचार के आरोप, करीबियों की संदिग्ध भूमिका और प्रमुख सहयोगी देशों (जैसे इजरायल) के साथ बढ़ती तल्खी यूक्रेन के लिए रूसी मिसाइलों से भी बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
जेलेंस्की के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब यह है कि वह बाहरी दुश्मन (रूस) से लड़ते हुए अपने घर के भीतर पनप रहे ‘लीक’ और विश्वासघात के वायरस को कैसे रोकते हैं।







