कोलकाता, 29 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होते ही विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल (Exit Polls) सामने आ गए हैं। इन रुझानों ने राज्य की राजनीति में दशकों तक राज करने वाली कांग्रेस और वामपंथी दलों (Left Front) की प्रासंगिकता पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
1. मुख्य मुकाबला: भगवा बनाम हरा
ज्यादातर एग्जिट पोल संकेत दे रहे हैं कि बंगाल की सत्ता की चाबी के लिए असली लड़ाई भाजपा और टीएमसी के बीच है। जहां कुछ सर्वे भाजपा को स्पष्ट बहुमत की ओर दिखा रहे हैं, वहीं कुछ टीएमसी को फिर से सत्ता में लौटते हुए देख रहे हैं।
2. एग्जिट पोल के प्रमुख आंकड़े (एक नज़र में)
| एजेंसी | भाजपा (BJP) | टीएमसी (TMC) | कांग्रेस (INC) | अन्य/लेफ्ट |
| चाणक्य | 150-160 | 130-140 | 0 | 6-10 |
| पी मार्क | 150-175 | 118-138 | 0 | 0 |
| पोल डायरी | 142-171 | 99-127 | 0 | 5-9 |
| मैट्रिज | 146-161 | 125-140 | 0 | 6-10 |
| जेवीसी | 138-159 | 131-152 | 0-2 | 0-2 |
| पीपुल्स पल्स | 95-110 | 117-187 | 1-3 | 0-2 |
3. प्रमुख निष्कर्ष (Key Highlights)
- भाजपा की बढ़त: चाणक्य, पी मार्क और पोल डायरी जैसे प्रमुख सर्वे भाजपा को 148 के बहुमत के आंकड़े के पार दिखा रहे हैं। अगर ये नतीजे सही साबित होते हैं, तो यह बंगाल में भाजपा की पहली सरकार होगी।
- टीएमसी का संघर्ष: ‘पीपुल्स पल्स’ एकमात्र बड़ी एजेंसी है जो ममता बनर्जी की पार्टी को 187 सीटों तक की बड़ी जीत (Strong Majority) दे रही है। अन्य सर्वे में टीएमसी 120-140 के बीच संघर्ष करती दिख रही है।
- कांग्रेस-लेफ्ट ‘हाशिए’ पर: सबसे चौंकाने वाली बात कांग्रेस का प्रदर्शन है। लगभग सभी सर्वे में कांग्रेस को 0 से 3 सीटों के बीच दिखाया गया है। वामपंथी दल भी अपना खोया हुआ जनाधार वापस पाने में नाकाम दिख रहे हैं।
- किंगमेकर की गुंजाइश कम: जिस तरह के आंकड़े भाजपा और टीएमसी के पक्ष में दिख रहे हैं, उससे लगता है कि निर्दलीयों या छोटे दलों की भूमिका इस बार सीमित रहेगी।
4. क्या कहते हैं ये रुझान?
ये एग्जिट पोल बताते हैं कि बंगाल का चुनाव पूरी तरह से ध्रुवीकरण (Polarization) और आमने-सामने की लड़ाई में बदल गया है। कांग्रेस और लेफ्ट का वोट बैंक या तो पूरी तरह बिखर गया है या टीएमसी/भाजपा में समाहित हो गया है।







